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History of RSS In Hindi

History of RSS In Hindi

 

आरएसएस क्या है ?  

आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ जो एक हिंदूवादी संगठन है | आरएसएस अपने आपको एक सांस्कृतिक संगठन मानता है | या यु कहे की अपने आपको  सांस्कृतिक संगठन  घोषित करता है |

आरएसएस का इतिहास -

आरएसएस का निर्माण १९२५ में हिन्दू सभा सभा के अलग होकर अस्तित्व में आने से हुआ  | हिन्दू महासभा के सो काल बुद्धिजीवी जिनको लग रहा था की हिन्दू महासभा में उनकी बाते नही मानी जा रही है अथवा वह अपनी श्रेष्ठता साबित नही कर पा रहे थे तो उन्होंने आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ का निर्माण किया |,सन १९१६ में गठित होने वाले हिन्दू महासभा का निर्माण था हिन्दू के अधिकारों की रक्षा करना करना सांप्रदायिक को बढ़ावा देना | किन्तु यह अपने उददेश्य में पूर्ण नही हो सके |

 

भारत का सबसे बड़ा संगठन - 


 जब आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ का निर्माण किया गया तो बहुत ही सुझबुझ से भारत की ८० % आबादी को अपने संगठन में समेटने का कार्य किया गया | आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ का मुख्यालय नागपुर है | वर्तमान समय में इसके प्रमुख मोहन भागवत है | 

आरएसएस  न केवल एक सांस्कृतिक संगठन अपितु एक राजनैतिक संगठन भी - 


आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के निर्माण के कई वर्षो बाद आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ ने अपना राजनितिक उत्तराधिकारी ने रूप जनसंघ का गठन किया | बाद के वर्षो में यही पार्टी भाजपा कहलाई | जिसका पूरा नाम भारतीय जनता पार्टी है | इस राजनैतिक दल में जितने भी प्रतिनिधि आपको दिखेगे उनका कही न कही से आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ से जरुर सम्बन्ध देखने को मिलेगा | यदि वह आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ का सदस्य नही है तो उसे सदस्य बनाया जाता है | यह अपने आपको एक सांस्कृतिक संगठन कहते है | जिस पर १९९५ में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में भी मुहर लगा दी है | किन्तु हालिया दायर याचिकाओं के परिमाण स्वरूप  सर्वोच्च न्यायालय अपने पूर्व के फैसले पर पुनः विचार करने के लिए तैयार हो चुकी है | यह अपने निर्माण के शुरूआती समय में हाफ फैंट सर्ट पहनते थी | किन्तु कुछ समय पहले इनके पहनावे में बदलाव देखने को मिला है | अब यह फुल फैंट है | देशभर में आरएसएस यानी राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के ९७  शाखाए है | जिसमे हिन्दू कर्मकांड घोरकर पिलाए जाते है | इसके सदस्य संख्या करीब ७० हजार है | यह अपने सदस्य सख्या बढने के लिए समय समय पर मुहीम चलते रहते है | 

आरएसएस  एक दक्षिण पंथी  संगठन - 


आरएसएस  एक दक्षिण पंथी संगठन है जो परम्परागत मान्यताओ को बनाए रखना चाहता है | आरएसएस  की आस्था भारतीय संविधान में न होकर मनु स्मृति में देखने को मिलती है | और यह मनु स्मृति के नियमो को ही भारत में लागू करना चाहता है |

आरएसएस एक तकनीकी संगठन -


ऐसे ढेरो प्रमाण देखने को मिले है जिनसे है साबित होता है की आरएसएस  एक तकनीकी संगठन है जो संघ में लोगो को प्रशिक्षित करने का कार्य करता है यही नही आरएसएस  विजय दशी के दिन शस्त्र को पूजा भी करता है |



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