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जानिए अम्बेडकर के अनमोल विचार ( Ambedkar Quotes In Hindi )

जानिए अम्बेडकर के अनमोल विचार  ( Ambedkar Quotes In Hindi ) 

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  • हिन्दू धर्म में कारण, विवेक और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नही है.





  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।





  • यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।



  • हर व्यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि 'एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता' को दोहराता  है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता।



  • किसी देश की सुरक्षित सेना किसी देश की सुरक्षित सीमा से कही बेहतर होती है.



  • यदि मुझे लगेगा की सविंधान का दुरूपयोग हो रहा है तो सबसे पहले मै इस सविंधान को ही जलाऊंगा.



  • कौन सा समाज कितना तरक्की कर चूका है इसको जानने के लिए उस समाज के महिलाओ की डिग्री देख ले



  • जीवन लम्बा नही बल्कि बड़ा और महान होना चाहिए.



  • न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है.



  • हमारे सविंधान में मत का अधिकार एक ऐसी ताकत है जो की किसी ब्रह्मास्त्र से कही अधिक ताकत रखता है.



  • उदासीनता एक ऐसे किस्म की बीमारी है जो किसी को प्रभावित कर सकती है.



  • एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ सामजिक असंतोष होना काफी नही है बल्कि क्रांति की सफलता के लिए न्याय और राजनितिक के साथ सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था होनी चाहिए.



  • खुद को दलित इसलिए मानते हो क्योकि दुसरो को उचा मानते हो.



  • समाज में अनपढ़ लोग है ये हमारे समाज की समस्या नही है लेकिन जब समाज के पढ़े लिखे लोग भी गलत बातो का समर्थन करने लगते है और गलत को सही दिखाने के लिए अपने बुद्धि का उपयोग करते है यही हमारे समाज की समस्या है.



  • किसी का स्वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को कभी भी अमृत में नही बदला जा सकता है.



  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।



  • शिक्षित बने, संघटित रहे और संघर्ष करे



  • भाग्य में विश्वास रखने के बजाय अपने शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए.



  •  मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।



  • हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।



  • इस देश में कितने महात्मा आये फिर भी आजतक छूत- अछूत बने हुए है



  • पति-पत्नी के बीच का संबंध घनिष्ठ मित्रों के संबंध के समान होना चाहिए।


  • हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय है.



  • शिक्षा का अधिकार जितना पुरुषो का है उतना ही अधिकार महिलाओ का भी है.



  • जो कौम अपना इतिहास तक नही जानती है वे कौम कभी अपना इतिहास भी नही बना सकती है



  • कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा  जरूर दी जानी चाहिए।



  • सविंधान मात्र वकीलों का दस्तावेज नही बल्कि हमारे जीवन का माध्यम है.



  • समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।



  • एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का  नौकर बनने को तैयार रहता है।



  • जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है, वो आपके किसी काम की नहीं।


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