एक नजर

Sunday, 8 March 2020

Raksha Bandhan Poem In Hindi

 मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी (Raksha Bandhan Poem In Hindi)

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 मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी (Raksha Bandhan Poem In Hindi)

                                                                                                                              आभार : गूगल इमेज 

मुझे बांधना है राखी
मैं घर जरूर जाऊंगी
उठो न पतिदेव वरना
मैं रूठ जाऊंगी

अपने भाई को बिन बांधे राखी
मैं चैन नही पाऊँगी
स्नान कर अपनी भाई की
आरती उतारूंगी

चावल रोरी  से टीका लगाउंगी
ऐ जी ले चलो न मुझे
मेरे भाई के घर
उसे मिष्ठान खिलाऊँगी

उसके बाद भईया से
जिद करके रक्षा का
वचन मांगूगी
ये त्यौहार

भाई बहन के प्रेम का
जो बाधूंगी भाई के कलाई पर राखी
वो राखी नहीं अपना प्यार बाधूंगी
 फिर थोड़ा नटखट पना भी दिखाऊँगी

अपने लिए उपहार मांगूगी
जिसमे भाई से रक्षा और प्यार मांगूगी
ऐ जी ले चलो ना मुझ मेरे  भाई के घर
वरना मैं रुठ जााउंगी

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