HEADLINES

Raksha Bandhan Poem In Hindi

 मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी (Raksha Bandhan Poem In Hindi)

 मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी (Raksha Bandhan Poem In Hindi),poem on raksha bandhan in hindi,
 मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी (Raksha Bandhan Poem In Hindi)

                                                                                                                              आभार : गूगल इमेज 

मुझे बांधना है राखी
मैं घर जरूर जाऊंगी
उठो न पतिदेव वरना
मैं रूठ जाऊंगी

अपने भाई को बिन बांधे राखी
मैं चैन नही पाऊँगी
स्नान कर अपनी भाई की
आरती उतारूंगी

चावल रोरी  से टीका लगाउंगी
ऐ जी ले चलो न मुझे
मेरे भाई के घर
उसे मिष्ठान खिलाऊँगी

उसके बाद भईया से
जिद करके रक्षा का
वचन मांगूगी
ये त्यौहार

भाई बहन के प्रेम का
जो बाधूंगी भाई के कलाई पर राखी
वो राखी नहीं अपना प्यार बाधूंगी
 फिर थोड़ा नटखट पना भी दिखाऊँगी

अपने लिए उपहार मांगूगी
जिसमे भाई से रक्षा और प्यार मांगूगी
ऐ जी ले चलो ना मुझ मेरे  भाई के घर
वरना मैं रुठ जााउंगी

Raksha Bandhan Poem In Hindi || मुझे बांधना है राखी मैं घर जरूर जाऊंगी नामक  यह कविता  आपको कैसा लगा आपके इसके सुझाव कॉमेट बॉक्स में कॉमेट करके दे सकते है | धन्यवाद !


 More - माँ आज जो कुछ भी हूँ सब तेरी बदौलत हूँ (Mother Poem In Hindi)

कवि : शिव कुमार खरवार 

Share this:

Post a comment

 
Copyright © 2020 Society Of India . Designed by OddThemes