एक नजर

Saturday, 16 November 2019

युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव के कारण व उपाय || depression in hindi


युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव के कारण व उपाय || depression in hindi
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                                                                        आभार : गूगल इमेज 

आज का समय गला काट प्रतियोगिता का है जिसमे एक व्यक्ति दुसरे को पीछे छोड़ने की होड़ में लगा हुआ है ऐसे में उच्च नीच का भाव समाज में स्पष्टरूप  से प्रदर्शित होता है , तो ऐसे में व्यक्ति अपनी क्षमता से अधिक लोड लेकर कार्य करने के लिए आमादा रहता है यह तनाव का मुख्य कारण बनती है | इसके अतिरिक्त व्यक्ति के खान - पान , नियमित आहार का सेवन न करना , पूर्ण निद्रा न लेना  तनाव को आमंत्रित करते है |कभी कभी ऐसा भी देखा गया है की प्रेमी को अपनी प्रेमिका से साथ प्रगाण लगाव भी व्यक्ति के लिए अवसाद का कारक बनता है जिसके प्रभाव के व्यवहार में प्रदर्शित होते है | व्यक्ति शराब का सेवन करने लगता है | अथवा यु कहे की नशीले पदार्थो का सेवन करना शुरू कर देता है | गली - गलोज करने लगता है | समाज से अक्सर कटा कटा रहता है | कम बोलने  लगता है | हमेशा उदास उदास रहता है | किसी से बात करना पसंद नही करता है | हमेशा प्रश्नों में ढूबा रहता है | देखने से ऐसा प्रतीक  होता है की कुछ ढूढमें लगा है जैसे मानो अभी ही उसे ढूढ लेगा | ऐसे लगता है की अपने में ही मगन हो | आँखों में नींद होती है पर सो नही पाता यु कहे की निद्रा एवं जागरण के मध्य के अवस्था में उलझा रहता है | देखने हुए भी कभी कभी नही देखता होता है | अवसादी व्यक्ति का तन तो वहाँ होता है पर मन कही और स्थल पर विचलन कर रहा होता है | जिसके अनेको बौद्धिक एवं भौतिक कारण होते है जिसकी जद में व्यक्ति फंसकर अवसाद नामक विकार का शिकार हो जाता है | जिसमे कुछ हार्मोस के कारण भी देखने को मिलता है इसके अलावा कुपोषण , मदिरापान का सेवन करना , अप्रिय घटनाओ का घटना , किसी प्रिय का अहित हो जाना , कुछ  अनुवांशिक कारणों पर भी अवसाद निर्भर करता है | अशांति भी अवसाद को बढ़ावा देता है , अनावश्यक भोजन , पौष्टिक आहार की कमी , कार्यो का बोझ ,नियमित आहार का न लेना व् अस्वस्थ  आहार का सेवन करना , जीवनशैली में बदलाव  , पूर्ण निद्रा न लेना , आर्थिक तंगी  , पारिस्थितिकीयतंत्र  , गलत व्यवहार रिश्तो में टकराव ,  पारिवारिक स्थितिय  ,सामाजिक बहिष्कार  ज्यादातर अवसाद से ग्रसित व्यक्तियों में यह देखने को है उनमे ९० प्रतिशत लोग की नींद नही आती है | सैद्धांतिक रूप में देखा जाए तो हम पाते है व्यक्ति के अंदर अवसाद की समस्या का मुख्य कारण  मानव मस्तिष्क में पाए जाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर्स है जिसकी कमी के कारण मानव के ऊपर अवसाद नामक विकार हाबी हो जाता है |न्यूरोट्रांसमीटर्स मानव शरीर में पाया जाने वाला एक रासायनिक पदार्थ है जो मानव मस्तिष्क व मानव शरीर के बीच संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है |न्यूरोट्रांसमीटर्स रसायन की  कमी के कारण व्यक्ति अवसाद नामक विकार से प्रभावित हो जाता है |  

क्या कहती है रिपोर्ट :
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हेल्थ टिप्स में छपे एक लेख के मुताबिक - डॉ  के पास आने वाले मरीजो में लगभग ९० % लोग तनाव की समस्या से ग्रसित होते है |भारत में महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना सोचनीय है  २०१२ की एक रिपोर्ट के कहती है की , भारत की लगभग 57 %  औरते  मानसिक बीमारी का शिकार है
 विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के कहतें है कि हर पांच महिलायों में से एक महिला मानसिक बिमारी से ग्रसित है प्रत्येक १२ पुरुषो में 1 पुरुष मानसिक बिमारी से ग्रसित है अनुमानत : देश कि  50 % आबादी  मानसिक विकार से प्रभावित है । फिर वो चाहे गंभीर मानसिक बिमारी हो या साधारण ये मायने नही रखते है ये आकड़े इतना प्रदर्शित करने के लिए काफी है कि आज भारतीय युवाओ की स्थिति समाज में क्या है
इकनोमिक टाइम में छपे एक लेख ८४ % भारतीय है काम के तनाव का शिकार , बिगड़ रही है सेहत लेख के अंतगर्त बताया गया की मणिपालसिग्ना के सर्वे को आधार बनाकर बताया गया की भारत में ८२ % तनाव का कारण रूपये पैसे से जोडकर देखा गया  इस लेख में ये भी बताया गया की भारत में ८७ % युवा तनाव के शिकार है ,५० से अधिक उम्र वाले ६४ % पाये गये ३५ से ४९ साल की आयु के बिच वालो में तनाव का स्तर  ८९ % पाया गया क्योकि इस रिपोर्ट के अनुसार यही वह आयुवर्ग  के लोग है जो सबसे ज्यादा काम करते है |



तनाव क्या है ? what is depression in hindi

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तनाव एक ऐसी अवस्था को  प्रदर्शित करता है जिसे एक विकार के रूप में जाना जाता है इसमें व्यक्ति की मनोस्थिति पर उसका नियंत्रण नही होता अर्थात व्यक्ति की मनोस्थिति और उसके परिस्थितिय के बीच असंतुलन व असमान्यजस स्थापित हो जाता है  , जिसे हम अवसाद या तनाव के रूप में जानते है |
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सद्गुरु कहते है की तनाव पागलपन की प्रारंभिक अवस्था होती है जिसमे व्यक्ति बार बार जाता है और एक समय ऐसा आता है जब व्यक्ति वापस लौट नही पाता अपनी मानसिक शक्ति खो बैठता है |





तनाव के लक्षण : depression symptoms in hindi

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  1. नीद न आना 
  2. त्वचा का सुकुड़ना 
  3. चिंतित रहना , दुविधा में रहना  
  4. पाचन क्रिया सही न होना 
  5. सर्दी - खासी  आना 
  6. भुख न लगना  
  7. स्मरण क्षमता प्रभावित होती है , ध्यान केन्द्रित न कर पाना
  8. भोजन का नियमन में परिवर्तन (आदत ) 
  9. भावनात्मक क्रियाओं में बढ़ोत्तरी होना, रोना , विलाप करना , छोटी छूती बातों पर गुस्सा जाना 
  10.  अकेलापन महसूस करना अथवा अकेले अकेले रहने लगना 
  11. आत्महत्या की चाह उत्पन्न होना |
  12. भय महसूस करना 
  13. मन का बैचेन रहना 
  14. नशीले पदार्थो का सेवन करने लगना 
  15. आत्मविश्वास में कमी महसूस करना ,
  16. समर्पण का अभाव सा प्रतीक होने लगना 
  17. प्रेरणा का अभाव होने लगना प्रतीक होने लगना 
  18. अत्यधिक तनाव लेने से व्यक्ति को कई प्रकार की स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्याएं हो सकती है दिल की गति  बढ़ जाना ,प्रतिरक्षा क्षमता का कम होनाबालो का झड़ना , रक्तचाप में बढ़ोत्तरी होना , मधुमेह ,कैसर , दमा , थका महसूस करना  आदि  आते है |
  19. भावनात्मक बदलाव  क्रोध , ईष्या ,इत्यादि


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तनाव प्रश्नों का ऐसा जाल है जिसमे व्यक्ति खुद ही प्रश्न  उत्पन्न करता  है और उत्तर में भी                                                                 प्रश्न पाता है 


तनाव के कारण : depression causes in hindi -

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  1.  नियमित आहार का न लेना व् अस्वस्थ  आहार का सेवन करना 
  2. जीवनशैली में बदलाव 
  3. पूर्ण निद्रा न लेना 
  4. आर्थिक तंगी 
  5. प्रियजनों के अनिष्ट होने का भय अथवा उनके खोने अथवा खो देने का भय 
  6. पारिस्थितिकीयतंत्र 
  7. गलत व्यवहार , रिश्तो में टकराव 
  8.  पारिवारिक स्थितिय  
  9. सामाजिक बहिष्कार 

तनाव के उपाय : depression treatment in hindi -
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  1.  नियमित व्यायाम करे |
  2. स्वच्छ भोजन का सेवन करे |
  3. तनाव के मुक्ति पाने के लिए नियमित दिनचर्चा अपनाये 
  4. सिर का मशाज कराये |
  5. दोस्तों मित्रो के साथ , सगे सम्बन्धियों या अन्य प्रियजनों के साथ समय बिताये , उनसे खुशियाँ शेयर करे |
  6. नशीले पदार्थो का सेवन न करे |

निष्कर्ष : 

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उपयुक्त विवरणों से यह स्पष्ट हो जाता है कि तनाव मानव जीवन का एक अभिन्न अंग है क्योकि  मनुष्य जब से जन्म लेता है और जब तक उसकी मृत्यु नही हो जाती वह  जिवन प्रयत्न कुछ न कुछ सीखता रहता है हमारे समाज की ही कुछ संरचना इस प्रकार बनी हुई है की प्रत्येक युवा या युवती हो महिला हो या पुरुष हो , वृद्ध हो या वयस्क को जीवन निर्वहन करने के लिए किन्ही न किन्ही दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है इन दायित्वों की पूर्ति करने के लिए कभी कभी व्यक्ति को बहुत कठिन  प्रयत्न करने पड़ते है जिसको  लेकर व्यक्ति का चिंतित होना भी स्वभाविक है , इसके अतिरिक्त ये भी देखने को मिलता है कि  व्यक्ति की समाजिक , आर्थिक स्तिथि , वातावरण , सही खान पा न करना , पूर्ण निद्रा न लेना , अत्यधिक चिंतित रहना  अवसाद की समस्याओ को बढ़ते है  |अत : तनाव की समस्या से निजात पाने के लिए यह आवश्यक है की प्रकृति के नियमों का पालन किया जाय , स्वस्थ आहार का सेवन करे , पूर्ण निद्रा ले , व्यायाम करे , मित्रो सहकर्मियों से मिले उनके साथ समय बिताये |ताकि अवसाद  नामक विकार का आपके ऊपर प्रभाव न पड़  सके  और आप एक स्वस्थ एवं सुंदर , सुखमय जीवन जीये |






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लेखक - शिव कुमार खरवार 









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